मंगलवार को संसद में जानकारी दी गई कि सरकार की ओर से 2015 में लागू विदेशी काला धन कानून के तहत 6,000 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का पता चला है।  इसके अलावा 31 अक्टूबर 2018 तक, विदेशी काला धन कानून के तहत 34 अभियोजन पक्ष की शिकायतें दर्ज की गई हैं। राज्य सभा में एक लिखित जवाब में राज्य वित्त मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा, “काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्ति) और कर अधिनियम 2015 के प्रभाव (काला धन अधिनियम) के तहत आयकर विभाग की ओर से की गई कार्रवाई में 31 अक्टूबर 2018 तक 6000 करोड़ रुपये के अघोषित संपत्ति का पता लगाया गया है।” इस अधिनियम के तहत ऐसे लोगों को एक बार मौका दिया गया था जिनके पास विदेशी संपत्ति है लेकिन वे आयकर से बचने के लिए अपनी संपत्ति छुपा रहे हैं।

30 सितंबर 2015 को बंद हुई इस स्वीकृति में 4,100 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित विदेशी संपत्ति से जुड़े 648 घोषणाएं की गईं। ऐसे मामलों में कर और जुर्माने के माध्यम से 2,470 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली गई।  शुक्ला ने कहा, “जिन लोगों के पास विदेशी संपत्ति और आय है उनके खिलाफ अधिनियम के तहत उपयुक्त कार्रवाई की गई है। इस तरह की कार्रवाइयों में पूछताछ, आय का आकलन, करों का लाभ, दंड और आपराधिक अदालतों में अभियोजन की शिकायतों को दाखिल करना शामिल है।