मुंबई: भारत में क्षेत्रीय भाषा के यूजर्स में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। स्थानीय भाषा सामग्री के उपभोक्ता फल-फूल रहे हैं, तो ब्रांड और एजेंसियों को इस अवसर का लाभ उठाने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अंतर को पाटने के लिए भारत के सबसे बड़े यूजर-जनरेटेड कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म मॉमस्प्रेसो ने भारत की पहली डिजिटल वर्नाक्यूलर सर्विसेज (भाषाई सेवा) एजेंसी, मॉमस्प्रेसो भारत लॉन्च की है। मॉमस्प्रेसो भारत ऑडियो, वीडियो और टेक्स्ट सहित सभी सामग्री पेश करेगा। इस नई वर्नाक्यूलर कंटेंट एजेंसी की अगुवाई हंसवीन कौर करेंगी, जो मॉमस्प्रेसो में उत्कृष्ट क्षेत्रीय भाषा क्षमता केंद्र का नेतृत्व कर रही हैं।

मॉमस्प्रेसो ने हिंदी, बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सहित प्रमुख भारतीय भाषाओं में ब्रांड्स के लिए डिजिटल सॉल्युशन देने के लिए समर्पित विभाग शुरू किया है। इस सेवा की पेशकश के साथ मॉमस्प्रेसो भारत मौजूदा मॉमस्प्रेसो असेट्स जैसे मॉम ब्लॉगर्स और देश भर के विशेषज्ञों, इन-हाउस क्षेत्रीय वीडियो उत्पादन टीम, एक लैंग्वेज-स्पेसिफिक सोशल मीडिया टीम और एक प्रौद्योगिकी टीम का स्थानीयकरण और अन्य क्षेत्रीय भाषा सॉल्युशन से अच्छी तरह से परिचय कराएगा। ।

मॉमस्प्रेसो भारत की बिजनेस हेड हंसवीन कौर ने कहा, “हम मॉमस्प्रेसो भारत को लॉन्च करने को लेकर रोमांचित हैं। यह बताने के लिए पर्याप्त डेटा है कि भारत में कंटेंट की अगली लहर को क्षेत्रीय भाषा के उपयोगकर्ता ही संचालित करेंगे। इसका एक बड़ा कारण है कि अगले 5 वर्षों में 10 नए इंटरनेट यूजर्स में से 9 भारतीय क्षेत्रीय भाषा के यूजर होंगे। यह नए तरीके से सोचने और कार्रवाई करने की मांग करेगा, जिसे ब्रांड्स और एजेंसियों को सीखना होगा। मॉमस्प्रेसो ने भारत में महिलाओं के लिए सबसे बड़े बहुभाषी कंटेंट प्लेटफार्म को बनाने में जो सीख हासिल की है, वह ब्रांड्स और एजेंसियों को रोमांचक अवसर का फायदा उठाने में मदद करते हैं।”