अंतरिम बजट की सीमाओं के बावजूद वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने एलानों की झड़ी लगा दी। क्रिकेट की भाषा में कहें तो चौके-छक्कों की बरसात कर दी। किसान, मजदूर, नौकरीपेशा मिडल क्लास से लेकर छोटे कारोबारियों को कुछ ना कुछ सौगात दी गई है। चुनाव के पहले मोदी सरकार ने बजट के जरिए वोटरों को साधने की कोशिश की है। बजट 2019 किसानों के नाम रहा। बेशक बजट में वित्त मंत्री ने सबको खुश करने की कोशिश की है। सीधे तौर पर 5 लाख रुपए की आमदनी वाले लोगों को आयकर छूट का एलान किया गया। बजट पर बात करते हुए एमएंडएम ग्रुप के सीएफओ वी एस पार्थसारथी ने कहा कि बजट में गांवों में खपत बढ़ाने पर जोर है। टैक्स छूट का दायरा बढ़ने से खपत बढ़ने की उम्मीद है। बजट के बाद देश में खपत बढ़ेगी, खपत बढ़ने से इकोनॉमी को फायदा होगा। देश की इकोनॉमी के लिए ये बजट अच्छा है। बजट में गांवो पर काफी फोकस है।