केंद्र सरकार ने जीएसटी में बड़ा बदलाव कर कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। कंपोजीशन स्कीम के लिए सालाना टर्नओवर की राशि एक करोड़ से बढाकर डेढ़ करोड़ कर दी गई है। अब 20 लाख की बजाए 40 लाख टर्नओवर वाले जीएसटी के दायरे में आएंगे और उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए ये सीमा हुई 20 लाख हो गयी है ।सालाना 50 लाख की सेवा देने वाले करदाताओं को कंपोजिशन स्कीम के तहत अब 6 फीसदी की दर से कर देना होगा। जीएसटी परिषद में जीएसटी पंजीकरण की सीमा को बढ़ाकर 20 से 40 लाख किया गया है। इससे छोटे कारोबारियों को राहत मिलेगी। साथ ही एमएसएमई सेक्टर के कारोबारियों को हर तिमाही रिटर्न भरने से भी छूट दी गई है अब साल में सिर्फ एक बार ही रिटर्न दाखिल करना होगा।

हालांकि हर तिमाही अभी भी कर जमा कराना होगा। जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में इस सीमा को बढ़ाकर 10 लाख से 20 लाख कर दिया गया है। परिषद ने ये भी निर्णय लिया कि केरल को दो साल तक 1 फीसदी आपदा उपकर संग्रह करने का अधिकार होगा। जिससे राज्य को प्राकृतिक आपदा से निपटने में मदद मिलेगी। परिषद ने निर्माणाधीन मकानों और फ्लैटों पर जीएसटी की दर घटाने का फैसला टाल दिया है और इसे एक 7 मंत्रियों की एक कमेटी को बना दी गई है।