उद्योग और व्‍यापार प्रमुखों ने केन्‍द्रीय बजट को विकासमूलक बताते हुए इसका स्‍वागत किया है और कहा है कि इसमें किसानों, श्रमिकों और मध्‍यम वर्ग पर खास तौर पर ध्‍यान केन्द्रित किया गया है। भारतीय उद्योग और वाणिज्‍य मंडल परिसंघ-फिक्‍की के अध्‍यक्ष संदीप सोमनी ने कहा है कि देश में छोटे और सीमान्‍त किसानों को दी गई रियायतें बड़ा सकारात्‍मक कदम है। उन्‍होंने कहा कि बजट में करों में छूट से कॉरपोरेट क्षेत्र को मदद मिलेगी और उपभोग बढ़ेगा। देश में लघु और सीमांत किसानों को वे दो हजार रुपये की तीन किस्तों में वार्षिक राहत दे रहे हैं। मैं समझता हूँ कि यह एक बड़ा अनुकूल प्रयास है।

भारतीय उद्योग परिसंघ-सीआईआई के महानिदेशक चन्‍द्रजी‍त बैनर्जी ने बजट को अच्‍छा और विकासोन्‍मुखी बताया है। ये फार्मर्स के लिए है, वर्कर्स के लिए है, मिडिल क्लास के लिए जो है, जिसके लिए कंजमस्न डिमांड जो है, उसको काफी उत्साह देगा, कंजमस्न डिमांड को उत्साह देने का मतलब है, इंडस्ट्रीज को उत्साह देना, इंडस्ट्रिएलाइजेशन मतलब इंडस्ट्रीज का भी फोरकास्ट स्ट्रांग होगा, तो हमको यह मानना है कि ये एक बजट जो काफी इकोनॉमी ओरिएंटेड था। राष्‍ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक-नाबार्ड के अध्‍यक्ष एच के भानवाला ने कहा है कि किसानों की आमदनी बढ़ाने की जो घोषणाएं की गई है, उससे उनकी उत्‍पादकता में सुधार होगा और वे सहायता राशि का उपयोग बीज, उवर्रक और खेती संबंधी साज-सामान खरीदने में कर सकेंगे। भारतीय स्‍टेट बैंक के अध्‍यक्ष रजनीश कुमार ने कहा है कि अंतरिम बजट विकासमूलक है और इससे देश के तेजी से बढ़ रहे मध्‍यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी।  अखिल भारतीय उद्योग संघ के अध्‍यक्ष विजय कलन्‍त्री ने कहा है कि सरकार द्वारा उठाये गये आयकर और स्रोत पर कटौती सीमा में बढ़ोतरी जैसे राहत उपायों से रीयल एस्‍टेट क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्‍यवस्‍था में तेजी आएगी।