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महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव का आयोजन 14 को 10 Oct

महाराजा अग्रसेन जयंती महोत्सव का आयोजन 14 को

मुंबई। अग्र बंधु सेवा समिति मुंबई द्वारा महाराजा अग्रसेन जी की 5193 वीं जयंती के उपलक्ष्य में रविवार, 14 अक्टूबर 2018 को महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। दोपहर 3:00 बजे विभिन्न आकर्षक झांकियों, 18 घोड़ों पर राजकुमारों, बैंड बाजों आदि से सुसज्जित शोभा यात्रा मालाड सोसाइटी प्रांगण पोद्दार…

श्री आदर्श रामलीला समिति मुम्बई के तत्वावधान में  वास्तु-शास्त्र वर्कशॉप सम्पन्न 10 Oct

श्री आदर्श रामलीला समिति मुम्बई के तत्वावधान में वास्तु-शास्त्र वर्कशॉप सम्पन्न

मुंबई। श्री आदर्श रामलीला समिति मुम्बई के तत्वावधान में पिछले दिनों बहाई सेंटर हॉल, मरीन लाईन्स, मुम्बई में संस्थाध्यक्ष व ट्रस्टी श्री शरण खन्ना की अध्यक्षता, ट्रस्टी व मानदमंत्री श्री राजेन्द्र अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित एक कार्यक्रम में ज्योतिष, वास्तु, हस्तरेखा आदि गुणों, विद्या के धनी श्री अफाक खान जी ने आज के युग में…

श्री आदर्श रामलीला समिति की अन्तरविद्यालयीन प्रतियोगिता संपन्न 10 Oct

श्री आदर्श रामलीला समिति की अन्तरविद्यालयीन प्रतियोगिता संपन्न

मुंबई। श्री आदर्श रामलीला समिति तत्वावधान में पिछले वर्षो की भांति इस वर्ष भी शुक्रवार, दिनांक ०७.०९.२०१८ को दोपहर २ बजे से मारवाड़ी कमर्शियल हाईस्कूल ”श्री काशीनाथ गाडिय़ा सभागार ” चीराबाज़ार, मुंबई – ०२ पर मंत्री/ ट्रस्टी श्री राजेंद्र अग्रवाल के मार्गदर्शन में अंर्तविद्यालयीन प्रतियोगिता संपन्न हुई। संयुक्त मंत्री/ ट्रस्टी श्री कानबिहारी अग्रवाल ने बतया की…

गांधी जयंती पर परिचर्चा, चित्र प्रदर्शनी और भजन संध्या का आयोजन 04 Oct

गांधी जयंती पर परिचर्चा, चित्र प्रदर्शनी और भजन संध्या का आयोजन

बच्चों की चित्र प्रदर्शनी ने मोहा मन, स्लोगन पढ़कर भावुक हुए दर्शक  मुंबई। परम श्रद्धेय गुरु माँ पूज्य राधे माँ की असीम कृपा से बोरिवली पश्चिम स्थित नंदनंदन भवन में 2 अक्टूबर को  गांधी जयंती के अवसर पर परिचर्चा, चित्र प्रदर्शनी  एवं  भजन संध्या का आयोजन किया गया .  सर्व प्रथम स्नेहलता  मनमोहन गुप्ता की…

पौराणिक ही नहीं व्यावहारिक रूप से है महत्वपूर्ण है बांसुरी 01 Oct

पौराणिक ही नहीं व्यावहारिक रूप से है महत्वपूर्ण है बांसुरी

बांसुरी का नाम लेते ही भगवान श्रीकृष्ण की जीवंत छवि हमारे मन-मष्तिष्क में अंकित हो जाती है। भगवान श्रीकृष्ण वह छवि जो कभी बांसुरी बजाकर अपने बालसाखाओं को भाव विभोर करते थे, तो कभी अपनी गायों के साथ समस्त पशु –प्राणियों तथा चर-अचर को मंत्र मुग्ध कर लेते थे। कृष्ण की बांसुरी का ही आकर्षण…